The Banning of Unregulated Deposit Scheme Ordinance, 2019 (Hindi)

Author: CA Paras F. Jain

Date: 25/02/2019

बैन ऑफ़ नरेग्युलेटेड डिपॉजिट स्कीम आर्डिनेंस, २०१९ के सन्दर्भ में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां :

  1. बैन ऑफ़ नरेग्युलेटेड डिपॉजिट स्कीम आर्डिनेंस कब से लागू किया गया है?

21 फरवरी, 2019 से BANNING ऑफ़ अनरेग्युलेटेड डिपॉजिट स्कीम आर्डिनेंस लागू किया गया है।

  1. क्या यह अध्यादेश 21 फरवरी, 2019 से पहले किए गए ट्रांज़ैक्शन्स पर लागू होगा?

नहीं, यह आर्डिनेंस 21 फरवरी, 2019 के बाद किए गए ट्रांज़ैक्शन्सपर ही लागू होगा।

  1. इस आर्डिनेंस को लागू करने का उद्देश्य क्या है?

स्टैंडिंग कमिटी ऑफ़ फाइनेंस की जनवरी २०१९ की रिपोर्ट के अनुसार,

  • अवैध जमा योजनाओं से लोगों को ठगने की घटनाएं बढ़ रही थीं।
  • इस तरह की अवैध जमा योजना के गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोग ज़्यादा शिकार बन रहे थे।
  • पुरे देश में इस तरह की अवैध जमा योजनाओं या स्कीमस को असरकारक ढंगसे नियंत्रित करने का कोई एक ही कानून या व्यवस्था नहीं थी।
  1. वर्तमान में चल रही कुछ अवैध योजनाओ के उदहारण:

१. विशि

२. एक का तीन या एक का डबल स्कीम्स

३. ज्वेलर्स द्वारा चलाई जा रही मंथली डिपॉजिट स्कीम्स

४. पोंज़ी स्कीम्स

  1. यह आर्डिनेंस किसको लागू नहीं होगा?
  • व्यापार या व्यवसाय के लिए ली गई लोन और डिपॉजिट (सराफी) पर ये आर्डिनेंस लागु नहीं होगा|
  • साधारण रूप में लिया गया व्यक्तिगत ऋण (personal loans)/ उपहार (gifts) पर ये आर्डिनेंस लागु नहीं होगा|.
  1. इस आर्डिनेंस के नियमो के उल्लंघन के परिणाम क्या होंगे?

इस आर्डिनेंस के नियमो के उल्लंघन से 10 लाख रुपये का जुर्माना और साथमे दस साल के कारावास का प्रावधान है।

[Edition 1 dated 25/02/2019]

To read this article in English click here

_____________________________________________________________________________

Disclaimer: This update is for private circulation only. It is only for information and does not constitute to be an advice or opinion in any manner. The circulation of this update does not intend to solicit work. The information has been derived from THE BANNING OF UNREGULATED DEPOSIT SCHEMES ORDINANCE, 2019, REPORT OF STANDING COMMITTEE (FINANCE) and other authorative clarifications issued by the Government.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *